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मेरी कहानी मेरी जुवानी
08-07-2014, 12:35 AM
Post: #6


अब मैंने अपना मुंह उसकी चूची के घुंडी अलग किया .. पर उसकी चूची फड़क रही थी .. अजीब समां था ..अंग अंग फड़क रहे थे .. पुकार रहे थे .हमारी जुबाने बंद थीं , बदन , शरीर से बातें हो रही थीं , स्पर्श की भाषा चल रही थी … भावनाओं का तूफ़ान उमड़ रहा था … हम एक दूसरे में खोये थे …
अपना मुंह मैं उसके पेट पर ले गया ..जीभ से चाटने लगा ..उसकी नाभि पर फिराया ..भारती चिल्ला उठी .. सीहर उठी … कांपने लगी ..”.: हाआआ . … ऊऊऊऊऊह आः आआ … उई मां ..क्या हो रहा है ..मर जाऊंगी आज मैं … .. माआआआआआ .” उसके कमर ने झटका खाया .. चूत से पानी की धार निकल पड़ी ..मेरी जांघें भीग गयीं .. मैं पेट का चूसना जारी रखा .. अब मेरी भी बुरी हालत थी .. उसके हाथों की गर्मी से मेरा लौड़ा मस्त था … ऐसा लगा मैं भी झड जाऊँगा ..मैंने अपने कमर को थोडा ऊपर उठाया , ओर अपने लौड़े को उसके हाथों से आजाद किया …लौड़ा मेरा फूंफकार रहा था ..झटके खा रहा था … भारती समझ गयी मैं भी क्या चाहता था .. उसने अपने पैरों को फैलाया , मुझे इशारा किया , मैं उसके पैरों के बीच आ गया . उस ने मेरा लंड बड़े प्यार से थामा औए अपने चूत के मुंह पर टीकाया .. उसकी चूत का मुंह पूरा खुला था ..उसकी मुलायम चूत का स्पर्श पाते ही मैं चिल्ला उठा ..’आआआआआआआह ..भारती .. ” मेरे पूरे बदन में सीहरन भर उठी ..उधर भारती भी लंड के सुपाड़े का स्पर्श अपनी चूत में महसूस करते चिल्ला उठी .. ‘हाय ;;आह कितना गरम है जानू … ” ओर फिर उसने जो कमाल किया , उसके समान अनुभवी ही कर सकता है …उस ने मेरा लंड थामे अपने कमर को जोर से ऊपर उछाला .. इतनी जोर से की मेरा लंड उसकी गीली चूत में धंस गया ..मैं एक दम सीहर गया इस अचानक के धक्के से .. अगर मैं लंड अन्दर पेलता तो भी इतना मज़ा नहीं आता .. इस अचानक के झटके ने एक बिलकुल नया ही मज़ा दिया .. मैं मस्त हो गया .. ओर अब खुद धक्के लगाने लगा ..
भारती ने दोनों टांगें ऊपर कर ली थीं ओर मैं उसकी चूतड़ों को जकड़ते हुए लगातार धक्के लगाय जा रहा था .. धक्के पे धक्का ..हर धक्के पे भारती ऊपर उछल जाती ओर ‘हाय ” कर उठती .. मैं पागल हो उठा था .. मेरी पूरी मस्ती अब लौड़े पर थी .. ओर भारती की पूरी मस्ती उसकी चूत में समायी थी ..मैं धक्के लगा कर मस्ती ले रहा था ..वोह कमर उछाल उछाल कर ..दोनों मस्ती की चरम सीमा की ओर बढ़ते जा रहे थे ..मेरा धक्का लगाना ओर उसका कमर उछालना दोनों में एक अजीब ताल मेल हो गया था ..हर धक्के में मेरा लौड़ा पूरे जड़ तक उसकी चूत में घूस जाता ..वो चिल्ला उठती ..”हाय .. राजा ..वाह..जानू .. ..ऊऊऊऊऊऊऊऊउ …..तुम तो नाम के नहीं काम के भी कुलदीप हो ..प्रीतु … मेरे चूत के प्रीतु … आआआआआह्ह चोदो… राजा चोदो ..आज तो मैं गयीईईईईईईईईई ………… “”
मैं समझ गया भारती अब झड़ने वाली है ..मैंने धक्के की रफ़्तार में जोर और तेज़ी लाया .. भारती के कमर की उछाल भी तेज़ हो गए .. पूरे माहौल में फच ..फच ..थप थप की आवाज़ गूँज रही थी .. दोनों अपने होशोहवास खो बैठे थे …. और कुछ धक्कों के बाद मैंने भारती को जकड लिया और जोरों से अपना लंड उसकी चूत में डाले रखा … मैं झटके खाने लगा .. मेरा लौड़ा उसकी चूत में झटके खाने लगा और भारती भी अपनी कमर उछालती रही .. दोनों झड़ते रहे ..झड़ते रहे .. झड़ते रहे ….
उसकी चूत में मेरा लौड़ा सिकूड कर फक से बाहर आ गया .और उसकी चूत से मेरा वीर्य और उसका रस .दोनों मिल कर रिसने लगे … बाहर आने लगे .. मस्ती की गंगा बह रही थी भारती की चूत से …
मैं भारती के ऊपर ढेर हो गया ..उसके सीने पर अपना सर रख कर लेट गया ..हांफने लगा ..भारती भी हांफ रही थी …और उसकी चूत कांप रही थी … दोनों एक दूसरे की बाँहों में खो गए ………
इस चूत कंपाई और लंड घिसाई चूदाई के बाद काफी देर तक हम दोनों एक दूसरे से चिपके लेटे रहे …मैं भारती के बदन से निकलती उसके पसीने और परफयूम की मिली जूली मादक खुशबू का आनंद ले रहा था .. खोया था .. लम्बी लम्बी सांसें ले रहा था .जैसे पूरी खुशबू मेरे अन्दर समां जाये .. भारती भी मेरे सीने से सर चिपकाये आँखें बंद किये चूदाई का मज़ा अपने दिलो दिमाग में जज़्ब कर रही थी … थोड़ी देर बाद वो उठी और बाथरूम , जो कमरे से attached था , गयी ,,पेशाब किया और अपनी चूत को साफ कर फिर से अपनी पतली झीनी नाइटी पहन कर मेरे बगल में लेट गयी .. मैंने भी अपने लंड को वहां पड़े एक छोटे तौलिये से पोंछा और उसके जांघों पर अपने पैर रख उसकी ओर मुंह घूमा कर और हाथ उसके पेट पर रख उसे अपनी तरफ हलके से खींच लिया .. और कहा
“भारती , कैसी रही मेरी चूदाई ..??”
उस ने मेरी ओर अपना सर किया और मेरी आँखों में एक टक देखने लगी .. और थोड़ी सिरिअस हो गयी ..
मैंने कहा ..” अरे क्या हुआ मेरी रानी ..अच्छा नहीं लगा ..?? “
उस ने कहा ” सच कहूं ..? “
“हाँ , बिलकुल सच्ची कहो ..अगर अच्छा नहीं भी लगा तो कोई बात नहीं ..मैं बुरा नहीं मानूंगा .. मैं जानता हूँ , मैं ही पहला मर्द नहीं जिस ने तुम्हें चोदा है , एक से एक लंड तुम ने अपनी चूत में लिया होगा …इसलिए बेफिक्र हो कर जो सोच रही हो बोल दो ..”
न जाने मुझे क्यों उसकी इच्छा जान ने का मन हुआ .. क्योंकि वो तो एक हाई क्लास कॉल गर्ल थी , उसे पैसे से मतलब और मुझे चोदने से , उसे अच्छा लगे या न लगे …पर मैं दिल से चाहता था कि उसे संतुष्ट रखूँ …उसे खुश रखूँ … मुझे भी इस से खुशी होती …
मैं उसकी ठुड्डी पकड़ कर कहा ” बोलो न मेरी जान …” मेरे बोलने में इतनी मीठास थी , भावना थी और सब से ज्यादा उसकी इच्छाओं का सम्मान था .. भारती भावुक हो उठी और उसकी आँखों से आंसू टपक पड़े ..
गरम गर्म बूँदें मेरे सीने पर टपके ..
‘”अरे क्या हुआ भारती..मैं कुछ गलत कहा ..??”
“नहीं आप ने ….” मैं उसे फौरन टोका “आप नहीं तुम …”
उसके चेहरे पे हलकी मुस्कान आई और उस ने बोलना जारी रखते हुए कहा ” तुम ने कुछ गलत नहीं कहा ..जानू .. सब सही कहा ..मैं इस लिए रो पड़ी ..के आज तक किसी मादरचोद ने मेरी पसंद का , कभी ख्याल नहीं किया ..सभी साले अपना लंड आधा पूरा डाल मां के लौड़े आधे रस्ते में मेरी चूत में पानी टपका के चल देते ..किसी को मतलब नहीं था मेरा क्या होता है ..मैं कितना तड़पती हूँ अपनी चूत क़ी भूख मिटाने को , आप पहले मर्द हो जिस ने मेरा ख्याल किया .. और भगवन कसम चूदाई भी ऐसी की तुम ने ..मुझे इतना मज़ा कभी नहीं आया ..मैं शायद जिंदगी में पहली बार झड़ी … “
मैं उस क़ी बातें सुन अवाक् रह गया … गुलाब के फूल में खुशबू तो है ..पर कांटे भी .और कांटे भी ऐसे जो फूल को भी चुभते हैं ..अगर उन्हें समय पर नहीं कुतरा जाये ..
“पर भारती तुम्हारा पति गोपाल क्या तुम्हें चोदता नहीं .. ” मैं पूछा ..
“उस क़ी तो बात ही मत करो ..शाला भडुवा है मादरचोद , बीबी क़ी चूदाई क़ी कमाई खाता है …शाला मुझे क्या चोदेगा..? उसका तो ३ ” का लौडा आज तक कभी खड़ा ही नहीं हुआ .. बस मेरे सामने मूठ मार के पानी छोड़ देता है हरामी … एक दो बार घूसाने क़ी कोशिश की पर बहेनचोद आधे रास्ते में उसके लौड़े ने उलटी कर दी …स्साला नामर्द .. “
मैंने मन ही मन सोचा जो दीखता है सामने सारा सच वोही नहीं है .. और भी काफी कुछ है ..मैं तो सोचता था क़ी यह लड़की रोज़ एक से लंड लेती होगी और कितना मज़ा करती होगी ..पर यहाँ तो बात बात ही कुछ और है ..






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08-07-2014, 12:36 AM
Post: #7


मतलब ये कि इसकी कहानी कुछ और ही है .काफी कुछ देखा होगा इस ने अपनी छोटी सी जिंदगी में .ऐसे आदमी से इसकी शादी कैसे हुई .. इसने यह सब बातें अपने मां बाप को क्यूं नहीं कहा .. इसके मां बाप कहाँ हैं , क्या करते हैं ..आदि आदि ..इन सब सवालों का जवाब भारती के पास ही था ..मैंने ठान लिया आज नहीं तो कल इसकी पूरी कहानी जरूर सुनूंगा ,इसी क़ी जुबानी ..पर यह निश्चित था के आज नहीं … आज तो इसका दिल और चूत को पूरी तरेह जीतना था मुझे ..
” ह्म्म्म ..तो यह बात है .. कोई बात नहीं भारती , लो अब मैं हूँ न तुम्हारी चूत कि प्यास बुझाने .. और मैं भी एक बात बोलूँ मेरी रानी ..??’
“हाँ हाँ , राजा बोलो न ..”
“रानी मुझे भी आज तक अपनी बीबी को चोदने में इतना मज़ा नहीं आया ..तुम ने ऐसे चुदवाया जैसे अपने आप को तुम ने मुझे सौंप दिया . सिर्फ तुम्हारी चूत ही नहीं तुम्हारा पूरा शरीर मेरे लौड़े से चुदवा रहा है .. “
“सच्च ..??”
“हाँ मेरी रानी ..” , मैंने उसके गालों को चूमते हुए कहा ,” बिलकुल सच ….”
ऐसा सुनते ही उस ने अपना सर मेरे सीने से और भी चिपका लिया ..मुझे चूमने लगी ..मेर होठों को , मेरे गालों को l मेरे बालों से भरे सीने में हथेली घूमाने लगी ..मैं मस्ती में कराहने लगा …
हमारी आज की चूदाई का दूसरा लेवल और दूसरा दौर शुरू हो चुका था……………..
भारती मेरे सीने में हाथ फिराते हुए मुझे चूमने लगी ..हम दोनों करवट लिए एक दुसरे की ओर मुंह किये लेटे थे .. मेरा एक हाथ उसकी कमर को जकडते हुए अपनी ओर चिपकाए था … मेरा लौड़ा उसकी नाइटी के ऊपर से ही उसकी चूत में जोरदार दस्तक दे रहा था .. मेरा एक पैर उसकी जांघ के ऊपर था ..और उसे जकड रखा था ….उसका चूमना जारी था .मेरे होंठ ..मेरे गाल ,…बारी बारी से चप चप चूमे जा रही थी ..चूसे जा रही थी …फिर उस ने अपनी जीभ मेरे मुंह में एक बार ही डाल दिया ..लप लपाता हुआ अन्दर गया और उस ने मेरे मुंह के अन्दर चाटना शुरू कर दिया .. और अब वोह अपनी जीभ अन्दर डाले ही suddenly
मेरे ऊपर आ गयी …मैं नीचे था …उस ने अपने हाथों से मेरे चेहरे को प्यार से जकड लिया और ऊपर उठाते हुए अपनी जीभ से सीधे मेरे कंठ चाटने लगी …..मैं एक अजीब सिहरन से भर उठा ..मेरा अंग अंग कांप उठा ..मैंने सोचा येही मज़ा है एक experienced काल गर्ल का …और जब की कॉल गर्ल पूरी तरेह गर्म हो …मैं मज़े में आः आह कर रहा था .. कराह रहा था और वोह मेरे मुंह से मेरे लार को चूसे जा रही थी …मैं पागल हो उठा था , मेरा लौड़ा फन फना रहा था , उसकी चूतड और जांघों के बीच ..मैंने भी धीरे धीरे कमर उठा उठा कर लौड़े को एक हाथ से थामे उसकी चूत से गांड तक घीस रहा था .मेरा लौड़ा और उसकी चूत बराबर पानी टपका रहे थे … भारती मस्ती में थी …आआआआअह …..उम्म्मम्म्म्मम्म्म्म ..माँ … जाअन्नूउ … सिसक रही थी कराह रही थी ..और मुझे चूमे , जा रही थी , चूसे जा रही थी चाटे जा रही थी … मैं लौड़े से उसकी चूत की घिसाई कर रहा था …मेरा पूरा लौड़ा गीला हो गया था …एक दम से तन्नाया था फूंफकार रहा था …छटपटा रहा था … मुझे लग रहा था मेरा लौड़ा अब जड़ से उखड जायेगा ..कभी भी …भारती अपनी पूरे जोश में थी …पिछली चूदाई का हिसाब बराबर कर रही थी …उस ने अपनी नाइटी एक झटके में उतारा और फ़ेंक दिया … मेरे सीने को अपनी नंगी चूचियों से चिपका लिया और बडबडाने लगी .”.जान इस रंडी को तो सभी ऐरे गैरे ने चोदा है ..लो मेरे राजा आज ये रंडी तुम्हें चोदेगी…तुम्हारा लौड़ा खा जाएगी … मेरी प्यासी चूत …मेरी गहरी चूत … इसे भोंसडा बना दो ..मेरी जान ..हाँ भोंसडा.. इसकी सारी खुजली मिटा दो …” और वोह मेरे पहले से ही तन्न लौड़े पर अपनी गीली और पानी से सराबोर चूत टीकाया और एक झटके में उसे अन्दर ले लिया …”हाय ..मैं आज मर जाऊंगी ..मार दो मेरे राजा ..” जोरदार धक्के लगाने लगी मेरे ऊपर .मेरे लौड़े पर ..मैं भी नीचे से कमर उठा उठा कर उसकी चूत पेल रहा था…. दोनों ही मस्ती की चरम सीमा पर थे … उसके हर धक्के पे उसकी चूचियां उछालती थीं … वोह सर झटकती थी ..बाल झटकती थी जैसे किसी जादू के असर में हो ..वोह चूदाई में खो चुकी थी ..मैं भी मज़े में सिहर रहा था ..मेरा रोम रोम सिहर उठा था … उसकी जांघें कांप रहीं थीं ..मैंने महसूस किया उसके धक्के में काफी जोर के झटके आ रहे थे … चूत रस की नदी बहा रही थी ..मैं भी थाप पे थाप लगा रहा था ..उसकी गांड और जांघें मेरे जांघों से थप थप आवाज़ के साथ टकरा रहा था … मैं समझ गया अब दोनों झड़ने ही वाले हैं ..मैंने उसे अपने नीचे किया और उसके होंठ अपने होंठ से जकड लिया ..उसकी पीठ के नीचे हाथ डाल कर अपने सीने से चिपका लिया , और सिर्क कमर उठा उठा कर जोरदार धक्के लगाने लगा ..उसकी चूत के अन्दर तक लौड़ा धंस रहा था ..भारती चिल्ला उठी “हाँ जानू ..हाँ हाँ ..मारो मेरी चूत …पेल दो साली को ..फाड़ दो आज ..आज मैं मर भी गयी तो कोई बात नहीं …मार दो ..चोदो राजा चोदो ..आज पहली बार चुदा रहीं हूँ …साले सब भडुवे चूत के बाहर ही उलटी कर देते …आह ऊउई आज मेरी चूत के अन्दर भी लौड़ा गया है ..लम्बा लौड़ा … मोटा लौड़ा …हाआआआ ..मार..मार …”
उसकी बातों से मैं भी जोरों से चोदने लगा … : हाँ रानी लो मेरा लौड़ा ..लो लो ले लो ..ऊऊह अआः “” और दो तीन और धक्कों के बाद मैंने उसे जकड लिया , पूरा लौड़ा अन्दर तक पेल दिया और उसे अपने लौड़े के जड़ तक उसकी चूत में घुसेड़े रखा …मैं झड रहा लौड़ा झटके पे झटका खा रहा था , उसकी चूत में खाली हो रहा था ..मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरे अन्दर से कुछ निकल रहा है , झरने के सामान , मैं खाली हो रहा हूँ … आआआह ऊऊऊऊह्ह ..और उधर भारती की चूतड भी झटके पे झटका खा रही थी ..लगातार पानी छोड़े जा रही थी उसकी चूत से रिस रिस कर पानी बह रहा था ..
मेरा लौड़ा सिकूड कर बाहर आ गया एक पक्क की आवाज़ के साथ …
भारती पैर फैलाये लेटे थी ..लम्बी लम्बी सांसें ले रही थी , मैं भी हांफ रहा था ..और उसकी चूत से रिस रिस कर मेरे वीर्य और उसका रस दोनों मिल कर उसकी जांघों , उसके चूतड़ों को गीला करते हुए बिस्तर पर जमा हो रहे थे …
भारती शांत हो गयी थी ..मंद मंद मुस्कुरा रही थी मैं उसके सीने से चिपका आँखें बंद किये लेटा था ..और मेरा एक हाथ उसकी चूत के गीलेपन को महसूस कर रहा था .. एक अजीब ही तजुर्बा था ये ..न गर्म न ठंडा .. बस चिप चिप ..जैसे हम दोनों की चूदाई का mixture .. लौड़े और चूत की मिलन का तरल रूप ..
मैं उस चिप चिप का मज़ा लेता रहा आँखें बंद किये …







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08-07-2014, 12:36 AM
Post: #8


मैं और भारती अगल बगल लेटे थे ..उस ने अपनी टांगें फैला दी थी और सीधे लेटी थी ,अपने आप को एक दम बेसुध छोड़ दिया था …मैं सीधा लेटा था ..और अपनी हथेली से उसकी चिप चिपी चूत सहला रहा था .. धीरे धीरे .. इतनी घनघोर चूदाई के बाद की चूत को सहलाना भी एक अपने आप में मज़ेदार अनुभव है..चूत ढीली हो जाती है…. मुलायम हो जाती है..लौड़े के धक्के से … हथेली पर ऐसा महसूस होता है जैसे किसी मक्खन की टिकिया के अन्दर धंसा जा रहा है ..और चिप चिपा होने का भी मज़ा और ही था …
थोड़ी देर बाद मैंने भारती की और मुंह किया ..और चिप चिपे हथेली से उसकी अब तक ढीली हो गयी चूचियों को सहलाते हुए कहा ; ” भारती देखो न चूदाई करते करते टाइम का कुछ पता ही नहीं चला .. १२ बज चुके हैं ..और मुझे तो जोरों की भूख लगी है …”
” हाँ जानू …” उस ने लेटे लेटे मेरे ढीले लौड़े को मुठी में जकड़ते हुए कहा ,”तुम्हारी चूदाई थी ही ऐसी .मैं भी किसी और ही दुनिया में थी … क्या चोदते हो … एक दम मस्त ..मैंने सैकड़ों लंड लिए हैं अपनी चूत में ..पर तुम्हारी लंड की बात ही कुछ और थी .. इतने दिनों मैं साले हरामखोरो के लंड की भूख मिटाती थी , मेरी चूत भूख से तड़पती रहती ..आज पहली बार , मेरे राजा.. तुम ने मेरे चूत की खुजली और भूख मिटा दी … “
” हम्म…. भारती रानी ..तुम्हारे चूत की भूख तो मिट गयी , पर इस पापी पेट का भी तो कुछ ख्याल करो … “मैंने हँसते हुए कहा …
” ओह , बस एक मिनट रुको राजा , मैं अभी करती हूँ इसका इंतज़ाम … ” और मेरे लौड़े को जोरों से जकड़ा उसे मसला और फिर उठ गयी …नाइटी पहना और गांड मटकती हुई kitchen की और चली गयी ..
” मेरी जान जल्दी आना .”
“बस गयी और आई … ” कहते हुए बेडरूम से बाहर निकल गयी ..
मैं सोच रहा था ..यह किसी भी angle से कॉल गर्ल नहीं लगती … एक दम घरेलू लगती है … और मन ही मन अपने मोहन पानवाले को दुआएं देने लगा ..मेरे पसंद की चूदाई का इंतज़ाम करने को और फिर मन बना लिया भारती को ही चोदूंगा आगे भी …लड़की कितनी सेक्सी है … मस्त चुदवाती है और सब से बड़ी बात ..बातें कितनी अच्छी करती है ..जैसे कोई पढ़ी लिखी करे , किसी अच्छे घर से हो ..पर ऐसी लड़की इस धंदे में आई कैसे .?? आज पहली बार ही मिले हैं ..पर ऐसा लग रहा था जैसे हम एक दूसरे को कब से जानते हैं … हमारी चूदाई भी सिर्फ चूदाई नहीं ..पर एक दूसरे में खो जाने वाली थी ..एक दूसरे तक अपनी भावनाओं को पहूँचाने का एक जरिया … हम दोनों जैसे अपने शरीर से बातें कर रहे थे … दोनों छू छू कर बातें समझ रहे थे … स्पर्श की भाषा … ऐसा कैसे हुआ ..मेरी समझ से परे था …वो भी एक अनजान कॉल गर्ल से… इसका अंजाम क्या होगा .??
मैं ये सब बातें सोच ही रहा था के तब तक भारती एक प्लेट हाथ में लिए अन्दर आई .. और मेरे बगल बैठ गयी …
“ठीक है मैं हाथ धो कर आता हूँ ..” मैंने बिस्तर से उठते हुए कहा .. मैंने भी अब तक अपने कपडे पहेन लिए थे .
भारती ने फौरन प्लेट बिस्तर पर रखा और मेरे हाथ अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और खींचते हुए अपने बगल में बिठा लिया ” जानू तुम ने मेरे लिए इतनी मेहनत की ..आओ तुम्हें अपने हाथों से खीलाऊंगी .. खाओगे न … हाथ वाथ क्या धोना ..तुम्हारे हाथ में तो तुम्हारा और मेरा अमृत है जानू ..इसे धोना मत ..लाओ अपना हाथ मुझे दो ..” और उस ने मेरा हाथ अपने मुंह में ले लिया और अपनी जीभ से चाट चाट कर पूरा साफ़ कर दिया … ओह … उसकी जीभ ऐसे चाट रही थी ..मेरा रोम रोम सिहर उठा …. उँगलियों के बीच ..हथेली के ऊपर ..सभी जगह जीभ फिरा फिरा कर ..तुम्हारे हाथों में जादू है , क्या चूत मसलते हो ..क्या चूची मसलते हो .”..और फिर मेरी हथेली चूमने लगी
“मेरी जान अब जरा अपने हाथों का भी तो कमाल दिखाओ..मुझे खिलाओ न ..जोरों की भूख लगी है.. “
“ओह सॉरी ….ये लो ….” और उस ने अपनी एक टांग बिस्तर पर मोड़ कर रख लिया और मेरे पास और करीब आ गयी . और अपने हाथों से निवाला मेरे मुंह में डाल डाल के खिलाने लगी.. “
“डार्लिंग ..तुम भी खाओ न .. ” और मैंने भी अपने हाथों से उसे खिलाना शुरू कर दिया ..एक निवाला वो मेरे मुंह में डालती , फिर दूसरा निवाला मैं उसके मुंह में …और दोनों एक दूसरे को देखते हुए धीरे धीरे चबा चबा चबा कर खा रहे थे ..जैसे हमारे मुंह में खाने का निवाला नहीं हो बल्कि उसकी चूत या फिर मेरा लंड हो.. वोह मेरे और करीब आ गयी और चिपक गयी .खाना चालू था .. मस्ती का आलम था … खाने में मज़ा आ रहा था .. जैसे एक दूसरे को चोद रहे हों ..खाना बिस्तर पर चूदाई मुंह से…
थोड़ी देर में प्लेट खाली हो गया और भारती अन्दर गयी प्लेट रखने .और मुझे कहते गयी “तुम हाथ नहीं धोना …मैं बस आई ..”
उसने आते के साथ मेरे जूठे हाथ अपने मुंह में डाला और पहले तो चूसा , दो तीन बार फिर जीभ से चाट चाट कर साफ कर दिया और फिर मैं पानी पिया और लेट गया …उस ने भी पानी पिया और मुझ से सट कर लेट गयी ….
थोड़ी देर लेटने के बाद मुझे नींद आने लगी..भारती भी चूदाई के मारे थक गयी थी..और ऐसी चूदाई के बाद काफी relaxed फील कर रही थी …उसे भी नींद की झपकियाँ आने लगी …
मैंने उसे अपनी बाँहों से जकड लिया ,उसका मुंह अपनी तरफ कर लिया ..उसके होंठ चूसते चूसते सो गया …
उसके नशीले होंठ चूसते चूसते मैं नींद के नशें में कब खो गया कुछ पता ही नहीं चला l मुझे सोते हुए काफी देर हो गए ..अचानक मुझे कुछ अजीब सा लगा ..जैसे मेरा मुंह कुछ गीले और मुलायम चीज़ में धंसा हो.. और जीभ में एक अजीब खट्टा और नमकीन सा स्वाद टपक रहा हो … और इतना ही नहीं ..मेरे जांघों के बीच , लौड़े को भी ठंडी हवा का झोंका लगा और लगा जैसे लौड़े में कुछ लप लप करती मुलायम और गीली वस्तु ऊपर नीचे हो रही है ..मेरी नींद खुली ..नज़ारा देख मैं अवाक रह गया …भारती पूरी नंगी थी और अपनी चूत मेरे मुंह पर धीरे धीरे घिस रही थी और मेरे लौड़े को अपनी लपलपाती जीभ से चाटे जा रही थी ..बुरी तरेह हांफ रही थी ..जैसे .उसके चाटने की रफ़्तार इतनी तेज़ थी और इतनी मदमस्त थी जैसे पूरा लौड़ा ice cream की तरेह चाट चाट कर मुंह में भर लेगी ..मैं पागल हो रहा था … उस ने मेरी नींद में ही मेरा पैन्ट और मेरी चड्ढी कब उतारी मुझे पता ही नहीं चला …पर लगता है उसकी नींद खुल गयी और मुझे सोते देख मुझे जगाने की कोशिश किये बगैर मुझ पर टूट पड़ी … और जगाने का शायद इस से अच्छा तरीका भी नहीं हो सकता …मैंने भी मन ही मन खुश होते हुए इस 69 position का आनंद उठाने की सोची ..
मेरा मुंह उसकी गुदाज़ जांघों औए चूतड़ों के बीच था ..और उसकी चूत का रस पान कर रहा था ..मैंने अपने हाथों से चूतड़ों को धीरे से जकड लिया और उसे हलके दबोचते हुए थोडा ऊपर किया .थोड़ी जगह बनी मेरे मुंह और उसकी चूत के बीच ..मैंने अपनी जीभ उसकी चूत के नीचले हिस्से से फेरना शुरू किया और उसकी गांड तक ले गया …भारती चीख पड़ी …उसकी जांघें सीहरन से कांप उठी .थरथराने लगी ..मैंने अपनी पकड़ उसकी चूतडों पर और जोर कर दी और जीभ का दबाव भी … आआआआआअह ऊऊऊऊओह क्या चूत थी , मुलायम जैसे मखन की टिकिया .और जैसे मखन पिघल कर पानी बनता है ..उसकी चूत से भी जैसे पिघल पिघल कर नमकीन पानी मेरे मुंह में जा रहा था ..मैं पूरा मुंह में ले रहा था ..चाट रहा था ..मैं पागलों की तरेह भारती की चूत पर टूट पड़ा था ..भारती सिसकियाँ ले रही थी ,.कराह रही थी उसकी टांगें थरथरा रही थी ..
उसका पागलपन मेरा लौड़ा झेल रहा था… उसकी मस्ती मेरे लौड़े का सुपाडा सह रहा था …वोह जितनी मस्ती में आती जा रही थी उसका चूसना भी उतने ही जोरों से बढ़ता जा रहा था … उसने अपने हाथों से मेरे लौड़े को थाम रखा था..कभी दबाती कभी सहलाती कभी जोरों से जकड लेती …… मैं भी मस्ती की आलम में झूम रहा था …और उसकी चूत पर अपनी मस्ती निकाल रहा था …






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08-07-2014, 12:37 AM
Post: #9


मैं बार बार उसकी चूतडों को जकड कर ऊपर उठाता और अपने मुंह पर घिसता ..कभी अंगूठे से उसकी चूत की घुंडी दबा देता ..भारती हाय .हाय कर उठती …”राजा …ऊओह हाय मैं मर गयी आज ..मार दो मुझे चूस चूस कर ..मेरी सारी मस्ती निकाल दो मेरे राजा ..आः आः ऊओह्ह ..” और फिर वो मेरे लौड़े पर उतनी ही मस्ती में टूट पड़ती ..मेरे लौड़े पर उसके होटों की पकड़ और मजबूत हो जाती …मेरे लौड़े की जड़ तक चूस लेती ..मैं भी मस्ती में कांप रहा था ..कराह रहा था ..तड़प रहा था भारती के मुंह में …उसके experienced हाथों में जादू था , होठों में मस्ती थी , जीभ में शीतलता ….
दोनों एक दूसरे के अंगों का भरपूर मजा ले रहे थे ..एक दूसरे में खोये थे … फिर हम जोर और जोर और जोरों से चूत और लौड़े पे टूट पड़े ..चुसाई , घिसाई , चटाई की रफ़्तार में तेज़ी आने लगी ..जैसे मैं उसकी चूत खा जाऊं और वो मेरा लौड़ा हज़म कर ले ….”अआः भारती मेरी रानी ,,खा जाओ मेरा लौड़ा , चबा जाओ … ऊऊऊऊओह …”
“हाँ जानू तुम भी चूस लो चाट लो ..खा जाओ मेरी चूत …चूसो ..चूसो ..और जोर से चूसो …चूस मेरे राजा चूस ….”
और फिर जो हुआ उसकी कल्पना मात्र से मैं आज भी सिहर उठता हूँ ….
भारती ने अपनी जांघें पूरी फैला दी और मेरे मुंह पर अपनी चूत बिलकुल रख दिया …अपने आप को छोड़ दिया ..पर मैंने अपने हाथों से उसकी चूतड को इस तरह जकड रखा के चूत और मुंह के बीच थोडा gap रहे …और वो मेरे लौड़े को जोरों से चूसते हुए अपन कंठ तक ले गयी और घीसने लगी अपने throat से ….इस अचानक आक्रमण से मैं पागल हो उठा .. और लगा जैसे मेरा लौड़ा उसके मुंह में फंसा ही रहेगा …और मेरे लौड़े को अपने कंठ से चोदने लगी … एक अजीब मस्ती से मैं भर गया ..लगा जैसे मेरा लौड़ा अन्दर ही अन्दर फैलता जा रहा हो उसके मुंह में ..रस मेरे पूरे शरीर से वहां इकठ्ठा हो रहा हो ..मैं चिल्ला उठा “भारती ..भारती आआआअह मैं ..मैं … ऊऊऊऊओह …”
भारती समझ गयी……..उस ने मेरे लौड़े को कंठ से निकाला और हाथों से थाम कर दो चार जोर दार झटके दिए मुंह की और रखते हुए …..मेरे लौड़े ने पिचकारी की तरह पानी छोड़ना चालू कर दिया ….उसके मुंह में , उसके गालों में , उसकी चूचियों पर , और वोह मेरे लौड़े को थामे रही हलके हलके पुचकारती रही हाथों से ..
और इधर जैसे ही मेरे लौड़े से पिचकारी निकली भारती ने मेरे लौड़े को जकड़ा धीरे से और खुद भी झड़ने लगी .कमर और चूतड कांपने लगे ..मेरा मुंह उसके पानी से भर गया … मेरे होंठ ..मेरे गाल …वहां से टपकते हुए मेरे सीने पर … आआआआआअह एक अजीब ठंडक सी महसूस हुई …
भारती की गीली चूत मेरे मुंह में थी और मेरा गीला लंड उसकी मुंह में …
काफी देर तक लंड और चूत मुंह में लिए रहे दोनों….फिर उठने के पहले मैंने उसकी चूत चाट चाट कर साफ़ कर दी और उस ने मेरा लंड …
फिर आमने सामने एक दूसरे की बाँहों में लेट गए ..दोनों के चेहरों पर एक अजीब मस्ती थी ..मुस्कान थी और एक शिथीलता ..relaxation ..
भारती ने अच्छी तरेह समझा दिया की सेक्स का मजा सिर्फ चोदने में ही नहीं …
“भारती , ” मैंने उसे अपनी ओर खींचते हुए कहा ” आज तक मैं सिर्फ चोदने को ही मज़ा और सेक्स समझता था ..पर वह चुसाई का मज़ा भी कुछ और ही है …”
वो मुस्कुराने लगी और कहा ..” मेरे राजा ये तो आज मैंने ट्रेलर दिखाई ..असली फिल्म तो बाकि है ….”
“अच्छा ..?? .” मैंने उसकी चूची को हलके से मसलते हुए कहा ” फिर तो मैं फिल्म का मज़ा जल्दी ही लेना चाहूँगा..”
“हाँ राजा ..मेरी चूत तो तुम्हारे लिए हमेशा मुंह खोले खड़ी है .जब चाहो घूसा लो जानू … तुम ने भी मेरा पूरा साथ दिया …वरना कोई शाला मादरचोद इतनी देर टिकता ही नहीं .मेरे मुंह में लेते ही शाले पानी छोड़ देते .. लौड़ा ढीला हो जाता .लटक जाता … और मैं तड़पती रह जाती …” उस ने मेरे लौड़े को सहलाते हुए कहा … बड़े प्यार से सहला रही थी और बातें भी कर रही थी …” मेरे राजा , और एक बात ..भारती का भरपूर मज़ा लेना है न जानू ..तो भारती को बीअर की दो बोतल पिलाओ , फिर देखो भारती कैसे उछल उछल कर चुदवाती हैं .. “
” अरे मुझे पहले किसी ने बताया नहीं ..ठीक है अगली बार से बिना बीअर के हमारी मुलाक़ात होगी ही नहीं ..दोनों साथ साथ बैठ कर पियेंगे …आह क्या मज़ा आयेगा ..रानी …” मैंने कहा और उसके होंठों को चूम लिया l
“हाँ मेरे राजा तुम्हारे साथ पीने का मज़ा कुछ और ही होगा ..”" उस ने ऐसा कहते हुए मेरे लौड़े को हलके से दबाया और सहलाने लगी ..
“रानी देखो न मेरा लौड़ा तुम्हारे हाथ लगते ही कितना मस्त हो जाता है .. तुम्हारे हाथों में जादू है मेरी रानी ..”
“हाँ वो तो मैं देख रही हूँ , देखो न कैसे फुंफकार रहा है ,,बिल में घुसने को .. लो घूसा लो न जानू ..मेरी चूत भी तो कितनी पनिया गई है … “
फिर उसने अपनी टांग ऊपर उठाई और मेरे कमर पर रख दिया . और मैं भी उसकी ओर करवट लिया .उस ने मेरे लौड़े को अपनी चूत में हलके हलके घिसना शुरू कर दिया …उसकी चूत अब तक पूरी तरह गीली हो चुकी थी .. सुपाडे को चूत का स्पर्श मिलते ही मेरे शरीर में बिजली सी दौड़ गयी ..मैं सिहर उठा , भारती भी मस्त हो गयी …दो चार घिसाई के बाद मुझे ऐसा लगा मेरा लौड़ा फूल के पंचर हो जायेगा …मैंने भारती को अपने हाथों से जकड़ते हुए उसे अपने नीचे कर लिया .. और उसके होंठ चूसने लगा , अपने से बुरी तरेह चिपका लिया ..भारती कराह उठी .उसकी चूचियां मेरे सीने में चिपक कर फ्लैट हो गयी . इतनी जोरों से मैंने दबाया ” आह राजा..जरा धीरे धीरे ..मैं यहीं हूँ न ..कहीं भागी नहीं जा रही …”
“भारती मुझे मन करता है हम दोनों एक दूसरे में समां जायें , तू मेरे अन्दर और मैं तेरे अन्दर … ” और मैंने उसे फिर से चिपका लिया … मेरा लौड़ा भी उसकी चूत पर जोरदार दबाव डाल रहा था , जैसे उसके अन्दर जाने को जोर से दस्तक दे रहा हो …
“हाँ ..हाँ आओ न मेरे राजा मेरे अन्दर ..आः देर मत करो .आओ …आओ .” और उस ने अपनी टांगें फैला दीं … मेरे ट्टण लौड़े को ..मोटे लौड़े को अपनी मूठी में भर लिया और अपनी चूत के मुंह पे रख लिया .मेरा सुपाडा उसकी चूत की छेद पर था ..उस ने फिर से हलके से घिसाई की अपने चूत की और अपनी कमर और चूतड ऊपर उठाते हुए मेरे लौड़े को चूत के अन्दर गप्प से ले लिया ..उसकी चूत तो एक दम गीली थी और मेरा लौड़ा एक दम बुरी तरेह tight , फक से आधा लंड अन्दर घूस गया ..”आआआआआह ..ऊओह्ह ..” मैं चिल्ला उठा … और बाकि का लंड मैंने भारती की कमर और चूतड को अपने हाथों से ऊपर लेते हुए पेल दिया … एक झटके में पूरे का पूरा लौड़ा भारती की चूत में था …पूरे जड़ तक ..मेरा अंड तक ..भारती का रोम रोम सिहर उठा ..वो चीख पड़ी …”ऊऊऊऊऊओह ..आआः ..हाँ …हाँ ..अब चोदो..”






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08-07-2014, 12:37 AM
Post: #10


उस ने अपनी टांगों को पूरा ऊपर कर दिया .चूत का दरवाजा अच्छे से खुला था ..मैंने भी उसकी टांगों को अपने हाथों से जकड कर जम के धक्के लगाने शुरू कर दिए .. थप ..थप फच फच …हर धक्के में …. उसकी कमर उचल पड़ती ..वो चीख पड़ती … “हाँ हाँ राजा..आज तो मेरी चूत का भूरता बना दो ..चोद लो ..फाड़ दो इसे ..भर तो इसको अपने मोटे लौड़े से …आआआआअह उईईइ .ऊऊऊऊऊऊह्ह ..पेलो … “
और मैं धक्के पे धक्का लगाता जा रहा था … उसकी चूत की गर्मी , उसका गीलापन ..उसकी अन्दर की मुलायम पकड़ ….ये सब मेरे लौड़े को मस्ती दे रहे थे ..मैं भी मस्ती में झूम झूम के चोद रहा था … लौड़े को अन्दर बाहर कर रहा था … उसकी जांघें अपने हाथों से भींच लेता ..सीने से चिपका लेता … फिर उस ने अपनी टांगें मेरे कमर के गिर्द कर लिया और कमर को जोरों से जकड लिया और अपनी चूत की ओर खींचने लगी ..मैं उसकी ओर झुक गया धक्का लगाते और उसकी चूचियां मसलने लगा ..उसके होठों को चूसने लगा ..उसकी मुंह से लार टपक रही थी ,मैं उसे चूसे जा रहा था …उसकी जीभ चूस रहा था और कमर उठा उठा कर लौड़े से चूत का रस भी महसूस करा रहा था… ”ऊह्ह्ह .मां ..उईईई क्या चोद रहे हो राजा …मुंह ..चूत चूची सब एक साथ ..हाय .हाय मेरे राजा …मेरे बालम …चोदे जाओ ..मजा आ रहा है ..इतना मजा कभी नहीं आया …राजा तुम्हारा लौड़ा और मेरी चूत … ऊऊऊऊओह …”
भारती की चूत से पानी लगातार बहता जा रहा था… मस्ती का दरिया … फच फच की आवाज़ और उसकी सेक्सी आवाजों , सिस्कारियों और कराहटों से रूम गूंज रहा था … मैं अब उसके पीछे गांड की तरफ आ गया और एक पैर अपने हाथों से ऊपर कर लिया , उसकी चूत का मुंह खुला और मैंने पीछे से चोदना चालू कर दिया .इस position में मेरा लौड़ा उसकी पूरी चूत को उसकी घुंडी के साथ छूता हुआ अन्दर जाता ..और वोह मस्ती में कराह उठती ..मुझे भी मज़ा आ रहा था , मेरी जांघें उसकी भरी भरी चूतडों को थप थप झटके मारता जाता …और दूसरा हाथ .उसके पीठ के नीचे से जा कर चूचियां मसल रहा था ..ऐसी चूदाई … भारती चीखती ..चिल्लाती और अपने को बिलकुल ढीला छोड़ दिया था उस ने ,,उसने अपने आपको मेरे हवाले कर दिया था … मैं उसके शरीर , उसकी चूत , उसकी चूचियों से मन मुताबिक खेल रहा था ,, चोद रहा था ..चूस रहा था ..चाट रहा था ..उसके गालों..पर मेरे थूक लगे थे .. उसकी चूचियों पर मेरा लार टपका था … और वोह आंखें बंद किये आः ऊऊह , मां …मां किये जा रही थी … सिस्कारियां ले रही थी …
मैं भी अपनी मस्ती की चरम सीमा की और अग्रसर हो रहा था ..पूरी मस्ती मेरे लौड़े पर आ गयी थी .. भारती का कराहना . सिसकना बढ़ने लगा … मैं अब फिर से उसके ऊपर आ गया ….और उसको जकड लिया ”चिपका लिया और जोर दार धक्के लगाना शुरू कर दिया … स्पीड बढती गयी ….धक्के का दबाव बढ़ता गया …भारती की चीख भी बढती गयी ” ..बस बस माआआआआन मैं गयीईईईईईईए …मेरा पानी छूट रहा है ..आआआआआअह ..” और भारती की चूतड उछलने लगी चूत झटके खाने लगी ..और जबरदस्त पानी छोड़ दिया उस ने , जैसे पिचकारी से ठंडा पानी निकल रहा हो मेरा लौड़ा , मेरी जांघें उसकी चूत के पानी से भीगता जा रहा था ..अब मुझ से भी रहा नहीं गया ..मैंने अपने लौड़े को उसकी चूत में धंसा दिया ..एक दम जड़ तक और उस से चिपक गया .झटके के साथ मैं भी उसकी चूत में झड़ने लगा ..मेरे वीर्य की गर्मी से भारती मस्त हो गयी ..आंखें बंद कर मुस्कुरा रही थी ..” उईईईईई माँ… आआआह .. उम्म्म्मम्म्म्मम्म .ऊँऊँ ऊँ …” की सिस्कारियां ले रही थी ..और मैं झड़ता जा रहा था , उसकी चूत में ,,मेरा लौड़ा झटके पे झटका खा रहा था …पूरा माल उसकी चूत में ख़ाली हो गया ..मैं हांफता हुआ उसकी चूचियों पर अपना सर रख कर पड़ गया ..वोह भी हांफ रही थी .. कांप रही थी ,,उसकी चूत अभी भी थरथरा रही थी .. क्या आलम था …
काफी देर तक दोनों ऐसे ही पड़े रहे ..मेरा लौड़ा सिकुड़ कर बाहर आ गया था , उसकी चूत से उसका रस और मेरा वीर्य रिसते जा रहे थे ,,बह रहे थे ,,उस ने टांगें फैला रखी थी ..
फिर मैं उठा …घडी देखा तो सुबह के 5 बज चुके थे …मैं उठा , बाथरूम गया ..हाथ मुंह धो कर कपडे पहने , भारती वैसे ही लेटी थी ..उसे मैंने अपनी बाँहों में जकड कर उठा लिया और चूमने लगा ..
“भारती अब मैं जाऊँगा ..पर सच बताऊँ ..तुम्हें छोड़ने का मन नहीं करता .. ” उसने मुझे अपने बाँहों में जकड लिया , अपने हाथ मेरे गर्दन के गिर्द ले कर “हाँ राजा ..मुझे भी ऐसा ही लग रहा है..”
पर मजबूरी थी ..मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया ..और उसकी चूत को एक बार चूम लिया .और फिर बाहर आ गया ..तब तक गोपाल भी जग गया था … उस ने अपनी बाइक निकाली..और मुझे मेरे घर छोड़ दिया ..
यह थी मेरी और भारती की चूदाई की पहली कहानी … जिसने मेरी जिंदगी में हलचल मचा दी .. मैं पागल हो उठा था .. मेरे रोम रोम में उसकी सांसें .. उसकी सिस्कारियां , उसकी मस्ती भरे चीख थे.. भूले न भूलते ..






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